सिगरेट का आखिरी कश
खिड़की के पास रखे जूते, चप्पल, झाडू और प्लास। प्लास के लिए लाया गया बॉक्स और लेडीज शूज। झाडू लगाए पूरे एक हफ्ते हो गए हैं। अकेले रहने की आदत कई महीनों से लग गई है। चाय अब भी दो कप बनती है। एक तुम्हारे हिस्से की और दूसरी मेरी। तुम्हारे हिस्से की चाय मैं पीता हूं मेरे हिस्से की फेंक देता हूं।
'सुनो तुमसे एक बात कहनी है।' शिखा ने मुझसे कहा।
'हां बताओ क्या बात है।
'अरे इधर तो देखो। हर समय टैबलेट में सिर घुसाए रखते हो।'
'अरे क्या है भाई।' मैं थोड़ा से खीझते हुए शिखा की तरफ मुड़ा।
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