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मैं सिरहाने क्या रखता हूँ?




मैं सिरहाने क्या रखता हूँ?

कुछ किताबें? या कुछ यादें या बहाने.

मैं यकीन रखता हूँ तुम पर. कुछ हो जाने की संभावना में आशा पर. संभावना और आशा के बीच कहीं तुम होती हो. मैं तुम्हें करीब से जाते हुए देखता हूँ और तुम मुस्कुरा देती हो.

हमारा रिश्ता बस इतना सा ही है. आशाओं से भरा. पता है ये सुकून देता है. तुम्हारे होने भर का. मेरे सिरहाने पर किताबों का होना दोस्तों का होना है और किताबें मेरी दोस्त हैं.

कभी कभी कुछ पन्नों में तुम्हारा नाम दिख जाया करता है.

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